Tuesday, October 7, 2014

बधशाला -20


  1. मेरे आगे ! क्या गायेगा , आये तो गाने वाला 
  2. एक "भारती" कि वीणा है ,बाकी साज जला डाला 
  3. बेगाना ! गाना समझेगा , मस्ती समझे मस्ताना 
  4. मेरी लय में महाप्रलय है , जालिम समझे बधशाला .

  1. ख़बरदार जो मेरे ऊपर , अगर किसी ने रंग डाला 
  2. रंगा हुआ हूँ , मुझ पर कोई , रंग नहीं चढ़ने वाला 
  3. देश धर्म के दीवानों कि, जलती पग पग पर होली 
  4. जिस दिन चाहूँ , चला जाउंगा , फाग खेलने बधशाला.

  1. मेरे आगे ही ! रो लेवे , हो कोई रोने वाला 
  2. ख़बरदार जो मर जाने पर , अगर कही आंसू डाला 
  3. जिसके दिल में आग लगी हो , वही चिता मेरी फूंके 
  4. कर्म करे तो बांध कफ़न सिर, जाये सीधे बधशाला .

9 comments:

  1. ख़बरदार जो मेरे ऊपर , अगर किसी ने रंग डाला
    रंगा हुआ हूँ , मुझ पर कोई , रंग नहीं चढ़ने वाला ..
    और
    मेरे आगे ही ! रो लेवे , हो कोई रोने वाला
    ख़बरदार जो मर जाने पर , अगर कही आंसू डाला ...

    आने वाला कब है रूकता, न रूकता जाने वाला
    चुप रह कर सुनती हूँ तुमको ,सब कुछ तुमने कह डाला...

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  2. एक "भारती" कि वीणा है ,बाकी साज जला डाला

    बहुत ही सुन्दर ....उत्कृष्ट रचना है

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  3. जीती जागती कविता।
    जिसका नस - नस स्पंदित है।

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  4. सुंदर अभिव्यक्ति

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  5. एक "भारती " की वीणा....बाकि साज जला डाला।
    बेहद खूबसूरत शब्दों का चयन।
    इतनी सुन्दर कविता से मिलवाने के लिए दिल से आभार।

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  6. जिसके दिल में आग लगी हो , वही चिता मेरी फूंके
    कर्म करे तो बांध कफ़न सिर, जाये सीधे बधशाला

    बहुत सुन्दर .

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